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हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में आज आपदा प्रभावित परिवारों के लिए राहत बढ़ाने, नई सरकारी भर्तियां शुरू करने, शिक्षा और सड़क सुरक्षा को मजबूत करने समेत कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में सामाजिक सुरक्षा, इलेक्ट्रिक टैक्सी और छोटे दुकानदारों के कल्याण से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।

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हिमाचल प्रदेश के आधुनिक निर्माता राजा वीरभद्र सिंह की प्रतिमा का अनावरण रोहड़ू के पुराने बस अड्डे पर आयोजित भव्य समारोह में किया गया। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने उनका विकासात्मक योगदान रेखांकित किया। इसी दौरान 11.19 करोड़ की लागत से बने सन्दौर पुल का भी लोकार्पण हुआ।

बांग्लादेश के विशेष न्यायाधिकरण ने आज अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को मानवता के खिलाफ अपराधों के मामले में दोषी मानते हुए मौत की सजा सुना दी। इस फैसले के बाद देशभर में तनाव, उनके समर्थकों में आक्रोश, और अंतरराष्ट्रीय समुदाय में गहरी चिंता देखी जा रही है।

मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह विमल नेगी की मौत जैसे संवेदनशील मामले में भी पहले दिन से ही राजनीति कर रही है और जनता की भावनाओं से खिलवाड़ कर रही है।

पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया है कि एसपी संजीव गांधी द्वारा दिए गए बयान मुख्यमंत्री सुक्खू के निर्देश पर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार मामले की निष्पक्ष जांच से डर रही है।

Fire Fighting System Dharamshala – हिमाचल प्रदेश में फायर सेफ्टी को लेकर अग्निशमन विभाग सख्त हो गया है। अग्निशमन अधिकारी कर्म चंद कश्यप ने चेतावनी दी है कि यदि आगामी 7 महीनों में सार्वजनिक स्थलों पर फायर फाइटिंग सिस्टम नहीं लगाया गया, तो संबंधित संस्थानों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) द्वारा छात्रों के बस पास की दरों में की गई वृद्धि से नाराज़ अभिभावकों का प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को धर्मशाला स्थित HRTC कार्यालय पहुंचा और महाप्रबंधक से मुलाकात कर आपत्ति जताई।

विमल नेगी मामले में हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद हिमाचल की राजनीति गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सीएम सुक्खू पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार दबाव में है और बीजेपी पर बेबुनियाद आरोप लगा रही है।

धर्मशाला के तिब्बती सेटलमेंट ऑफिसर कुंचोक मिग्मार को 95% मतों के साथ पुनः निर्वाचित किया गया है। यह ऐतिहासिक जीत तिब्बती लोकतंत्र में एक मील का पत्थर मानी जा रही है, जिसमें अंतिम दौर की आवश्यकता भी नहीं रही। समुदाय की एकजुटता, विश्वास और मिग्मार के कुशल नेतृत्व को व्यापक सराहना मिली है।