हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के रोहड़ू उपमंडल के चिरगांव क्षेत्र में जातिगत भेदभाव से आहत 12 वर्षीय लड़के की आत्महत्या का मामला सामने आया है। 17 सितंबर को हुई इस घटना की पुलिस में एफआईआर 28 सितंबर को दर्ज हुई। जानकारी के मुताबिक, 16 सितंबर को जब बच्चा अपने गांव के पास खेल रहा था, तो वह एक महिला के घर में घुस गया। महिला और उसके साथ दो अन्य ने उसे बुरी तरह पीटा, अपमानित किया और एक गोशाला में बंद कर दिया। बच्चा किसी तरह वहां से निकलकर अपनी मां के पास पहुंचा और पूरा वाकया सुनाया।
घर लौटने के बाद वह इतना दुखी था कि उसने ज़हर खा लिया। शाम करीब साढ़े सात बजे पिता ने उसे बेसुध पाया, जिसके बाद पहले स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र और फिर शिमला के इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बाद भी 17 सितंबर की सुबह उसकी मौत हो गई।
शुरुआत में परिवार को आत्महत्या का कारण समझ नहीं आया, लेकिन 18 सितंबर को मां ने तीन महिलाओं पर मारपीट व बंधक बनाने के आरोप लगाए। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और एससी-एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। फिलहाल अभियुक्तों की गिरफ्तारी नहीं हुई है और जांच जारी है
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