सोलन, 13 नवम्बर। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सैनिक कल्याण मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि प्रदेश सरकार समाज के सभी वर्गों, विशेषकर कमज़ोर और वंचित वर्गों के कल्याण के लिए निरंतर प्रयासरत है। वे आज हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विकास निगम के 46वें स्थापना दिवस समारोह में लाभार्थियों, कर्मचारियों और अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे।
डॉ. शांडिल ने कहा कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग का उत्थान प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि निगम वित्तीय सहायता और ऋण सुविधाएं प्रदान कर लक्षित वर्गों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रहा है।

इससे पूर्व स्वास्थ्य मंत्री ने निगम की 76वीं निदेशक मंडल बैठक की अध्यक्षता की और अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निगम की स्थापना 14 नवम्बर, 1979 को ‘हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति विकास निगम अधिनियम’ के अंतर्गत की गई थी, जिसका उद्देश्य है – अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना।
मंत्री ने बताया कि निगम द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनमें आदिवासी महिला सशक्तिकरण योजना, स्वरोजगार योजना, अवधि ऋण योजना, शिक्षा ऋण योजना तथा अम्बेडकर लघु ऋण योजनाएं प्रमुख हैं। इसके साथ ही, निगम कौशल विकास प्रशिक्षण के माध्यम से अनुसूचित जाति एवं जनजाति युवाओं को कंप्यूटर, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोटर मैकेनिक, स्टेनोग्राफी, इलेक्ट्रीशियन और ड्राइविंग जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित कर रहा है। प्रशिक्षण अवधि के दौरान प्रशिक्षुओं को प्रति माह 500 से 750 रुपए तक वजीफ़ा भी दिया जाता है।




डॉ. शांडिल ने सुझाव दिया कि निगम को अपनी योजनाओं का अधिकाधिक प्रचार करना चाहिए ताकि पात्र लाभार्थियों तक जानकारियां समय पर पहुंचें। इस मौके पर उन्होंने हिम स्वावलंबन तथा शिक्षा ऋण योजना के तहत 10 लाभार्थियों को 40.30 लाख रुपए के ऋण चेक वितरित किए।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने निगम के कर्मचारियों तथा चम्बा और कुल्लू जिलों को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया और कहा कि आने वाले समय में बेहतर कार्य से अधिक लोगों तक योजनाओं के लाभ पहुंचाए जा सकते हैं।
निगम के प्रबंध निदेशक अजय कुमार यादव ने बताया कि निगम पिछले 46 वर्षों में 2.61 लाख से अधिक परिवारों को लगभग 400 करोड़ रुपए का ऋण वितरित कर चुका है। वर्ष 2024-25 में अब तक लगभग 7 करोड़ रुपए का ऋण प्रदान किया गया है।
इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्याम भगत सिंह नेगी, निदेशक सुमित खिमटा, निगम के अन्य अधिकारी और बड़ी संख्या में लाभार्थी उपस्थित रहे।
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