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33 करोड़ में नीलाम हुईं नूरपुर राजस्व जिले की 4 यूनिट, 10 यूनिटों के लिए नहीं लगी बोली

An employee stacks liquor on the shelves of a retail store after the government eased a nationwide lockdown as a preventive measure against the COVID-19 coronavirus, in Bangalore on May 4, 2020. (Photo by Manjunath Kiran / AFP)

नूरपुर में आबकारी विभाग की नीलामी: 33 करोड़ में बिकीं 4 यूनिट, 10 पर नहीं लगी बोली

प्रशासनिक जिला कांगड़ा के अधीन आने वाले राज्य कर एवं आबकारी विभाग के राजस्व जिला नूरपुर में 14 आबकारी यूनिटों के 118 ठेकों की नीलामी आयोजित की गई। यह नीलामी मंगलवार को नूरपुर के जाच्छ स्थित कार्यालय में संपन्न हुई, जिसमें विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी रही और इसकी अध्यक्षता एडीसी कांगड़ा विनय कुमार ने की।

केवल 4 यूनिटों की हुई नीलामी

नीलामी प्रक्रिया के दौरान 14 में से केवल 4 यूनिट बिक पाईं, जिनकी कुल कीमत लगभग 33 करोड़ रुपये रही। इन चार यूनिटों में जसूर, डमटाल, गंगथ और बड़ूखर शामिल हैं। हालांकि, बाकी 10 यूनिटों पर किसी भी बोलीदाता ने दिलचस्पी नहीं दिखाई, जिससे उनकी नीलामी नहीं हो सकी।

रिजर्व प्राइस और आगे की प्रक्रिया

राजस्व जिला नूरपुर के उपायुक्त प्रीतपाल सिंह ने जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 14 आबकारी यूनिटों की रिजर्व प्राइस 101 करोड़ 94 लाख 650 रुपये निर्धारित की गई थी। लेकिन निर्धारित न्यूनतम मूल्य के बावजूद 10 यूनिटों के लिए कोई बोली नहीं लगी।

अब राज्य कर एवं आबकारी विभाग के आयुक्त जल्द ही इन शेष यूनिटों की नीलामी की नई तारीख घोषित करेंगे, ताकि सभी यूनिटों की बोली लग सके और सरकार को अपेक्षित राजस्व प्राप्त हो।

शराब ठेका

कम बोली पड़ने का कारण क्या?

विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार में मंदी, प्रतिस्पर्धा की कमी और पिछले वर्ष के राजस्व आंकड़ों के चलते कई व्यवसायियों ने इस बार नीलामी में रुचि नहीं दिखाई। इसके अलावा, कुछ इलाकों में शराब के ठेकों को लेकर स्थानीय विरोध भी एक बड़ी वजह हो सकता है।

अब देखना होगा कि अगली नीलामी में शेष 10 यूनिटों के लिए क्या रणनीति अपनाई जाती है और क्या विभाग इनकी बोली सफलतापूर्वक पूरी कर पाता है या नहीं।

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